Police complaint दर्ज न करे तो क्या करें?
अगर पुलिस थाना आपकी FIR दर्ज नहीं करता, तो कानून में आगे जाने का स्पष्ट रास्ता है। अभी लागू BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता), 2023 की धारा 173 के तहत यह प्रक्रिया है।
🚨 FIR दर्ज न हो तो 3 कदम
1️⃣ थाना → लिखित शिकायत दें
SHO/थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दें और अपनी शिकायत की प्राप्ति/डायरी नंबर मांगें। संज्ञेय अपराध की सूचना किसी भी पुलिस स्टेशन में दी जा सकती है; क्षेत्राधिकार के कारण शिकायत लेने से मना करना उचित आधार नहीं है।
2️⃣ SP/DCP को शिकायत भेजें
अगर थाना FIR नहीं लिखता है, तो BNSS धारा 173(4) के तहत शिकायत की पूरी जानकारी Superintendent of Police (SP) को लिखित रूप में डाक से भेज सकते हैं। SP संतुष्ट होने पर खुद जांच कर सकते हैं या किसी अधीनस्थ अधिकारी को जांच का निर्देश दे सकते हैं।
3️⃣ फिर भी FIR नहीं हो → Magistrate
अगर SP स्तर पर भी कार्रवाई नहीं होती, तो BNSS धारा 175(3) के तहत संबंधित Magistrate के सामने आवेदन किया जा सकता है। Magistrate पुलिस को जांच करने का आदेश दे सकता है।
📌 एक जरूरी बात
हर शिकायत में FIR बनना जरूरी नहीं है। अगर मामला non-cognizable offence है, तो पुलिस प्रक्रिया अलग हो सकती है और Magistrate की अनुमति की जरूरत पड़ सकती है।
पुलिस FIR दर्ज करने के लिए कोई फीस नहीं ले सकती।
📝 अगर पुलिस वाला खुद FIR लिखने के लिए पैसे मांगे
इसे अलग से भ्रष्टाचार/रिश्वत की शिकायत के रूप में भी दर्ज करें। रिश्वत मांगने वाले अधिकारी का नाम, पद, थाना, तारीख, रकम और उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखें।
अगर आप चाहें तो मैं आपके लिए थाना → SP/DCP → Magistrate तक भेजने के लिए एक मजबूत शिकायत का पूरा ड्राफ्ट तैयार कर सकता हूँ।
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