सरकारी अधिकारी रिश्वत मांगे तो शिकायत कैसे करें?
सरकारी अधिकारी/कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो रिश्वत देना जरूरी नहीं है—शिकायत की जा सकती है और कई मामलों में Anti-Corruption/Vigilance टीम ट्रैप कार्रवाई भी कर सकती है। दिल्ली सरकार भी रिश्वत की मांग/स्वीकार करने को आपराधिक कृत्य बताती है।
🚨 अगर अभी रिश्वत मांगी गई है तो क्या करें?
- तुरंत पैसे न दें, खासकर बिना Anti-Corruption/Vigilance से सलाह लिए।
- अधिकारी का नाम, पद, विभाग, कार्यालय और तारीख/समय लिख लें।
- रिश्वत की कितनी रकम मांगी गई और किस काम के लिए मांगी गई, यह नोट करें।
- आपके पास पहले से मौजूद मैसेज, WhatsApp चैट, दस्तावेज या अन्य सबूत सुरक्षित रखें। खुद से कोई जोखिम भरा कदम न उठाएँ।
- Anti-Corruption Bureau/Vigilance में शिकायत करें और बताएं कि अधिकारी ने रिश्वत मांगी है। दिल्ली की Vigilance व्यवस्था में ऐसी शिकायतों के लिए अलग Anti-Corruption Branch है।
- अगर सरकारी सेवा से जुड़ी सामान्य शिकायत भी है, तो CPGRAMS पर शिकायत दर्ज करके उसका status track किया जा सकता है।
📍 अगर मामला उत्तर प्रदेश का है
उत्तर प्रदेश सरकार का Anti-Corruption Portal नागरिकों को किसी अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है।
UP Anti-Corruption Portal पर शिकायत करें
UP Police की Anti-Corruption Organisation (ACO) का Control Room नंबर 9454402484 और ईमेल aco@nic.in दिया गया है।
📝 शिकायत में ये जानकारी दें
अधिकारी: नाम/पद
विभाग: ______
कार्यालय: ______
रिश्वत: ₹______
किस काम के लिए: ______
मांग की तारीख/समय: ______
कैसे मांगी: फोन/सामने/WhatsApp आदि
उपलब्ध सबूत: ______
Please drop a mail yaa message to ask@ask2advice.in राज्य + विभाग (जैसे पुलिस, तहसील, नगर निगम, बिजली, सरकारी स्कूल/अस्पताल) बता दें, तो मैं उसी विभाग के लिए सही Anti-Corruption/Vigilance अधिकारी, फोन, ईमेल और ऑनलाइन शिकायत लिंक निकाल सकता हूँ।