UP में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर विवाद
UP में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर विवाद: कन्नौज में बिस्किट देकर बच्चों को प्रदर्शन के लिए उकसाने का आरोप, FIR दर्ज
कन्नौज, 25 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के एक सरकारी स्कूल में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर विवाद गहरा गया है। गुगरापुर ब्लॉक के पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय में 20 अगस्त को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने स्कूल के प्रधानाचार्य की गाड़ी रोककर विरोध प्रदर्शन किया था। शुरुआत में छात्रों की शिकायतें स्कूल की व्यवस्था और कंप्यूटर शिक्षा से जुड़ी बताई गई थीं।
🍪 जांच में सामने आया बिस्किट का मामला
मामले की जांच के दौरान अधिकारियों के सामने कुछ बच्चों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें बिस्किट का लालच देकर और दबाव बनाकर प्रदर्शन के लिए तैयार किया गया। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्चों को बिस्किट बांटते हुए एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है। हालांकि, इन दावों की पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
🚨 FIR दर्ज
बेसिक शिक्षा विभाग की जांच के बाद खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ पाठक की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चों को प्रदर्शन के लिए किसने उकसाया और इसके पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका थी या नहीं।
🏫 स्कूल प्रशासन पर भी सवाल
प्रदर्शन के दौरान छात्रों की ओर से प्रधानाचार्य के खिलाफ शिकायतें की गई थीं। कुछ रिपोर्टों में स्कूल में प्रधानाचार्य और एक शिक्षक के बीच विवाद की बात भी सामने आई है। छात्रों ने स्कूल में कंप्यूटर शिक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई थी। इसलिए जांच का एक पहलू यह भी है कि बच्चों की वास्तविक शिकायतें क्या थीं और प्रदर्शन का स्वरूप कैसे बदला।
👮 प्रशासन की कार्रवाई
बेसिक शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि यदि बच्चों को जानबूझकर बहकाकर या दबाव डालकर प्रदर्शन में शामिल कराया गया है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्कूल में स्थिति सामान्य होने की जानकारी है।
⚖️ बड़ा सवाल: बच्चों को प्रदर्शन में क्यों शामिल किया गया?
इस घटना ने बच्चों को राजनीतिक या प्रशासनिक विवादों में इस्तेमाल किए जाने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बच्चों की शिकायतें वास्तविक थीं या नहीं, प्रदर्शन की योजना किसने बनाई और बिस्किट बांटने वाले व्यक्ति की भूमिका क्या थी—इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद सामने आएंगे।
कन्नौज का यह मामला केवल स्कूल में छात्रों के विरोध तक सीमित नहीं रह गया है। बच्चों को कथित रूप से लालच देकर प्रदर्शन कराने के आरोप और FIR के बाद जांच का केंद्र अब उस व्यक्ति या समूह की पहचान पर है, जिसने कथित तौर पर बच्चों को प्रदर्शन के लिए तैयार किया। जब तक जांच पूरी नहीं होती, आरोपों को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।