“School Theek Karo” — मुंबई में स्कूलों की हालत पर सवाल
मुंबई के एक civic school के हालिया audit में स्कूलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। audit के दौरान सामने आया कि करीब 70 बच्चों के लिए सिर्फ 25 benches उपलब्ध हैं। इसके अलावा स्कूल के toilets की साफ-सफाई व्यवस्था भी खराब पाई गई, जबकि कई taps टूटे हुए मिले।
रिपोर्ट के मुताबिक, विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त seating व्यवस्था नहीं मिल रही है। वहीं, खराब sanitation और पानी से जुड़ी समस्याएं बच्चों के स्वास्थ्य और रोजमर्रा की स्कूल व्यवस्था पर भी असर डाल सकती हैं।
इन कमियों को सामने लाने वाले अभियान ने प्रशासन से स्कूल की बुनियादी सुविधाओं को जल्द दुरुस्त करने की मांग की है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में पढ़ने का अधिकार है और civic schools में सुविधाओं की कमी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
अब प्रशासन पर इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है। स्थानीय स्तर पर यह भी मांग की जा रही है कि स्कूलों का नियमित audit कराया जाए और सामने आने वाली कमियों को तय समयसीमा में दूर किया जाए।
मुख्य सवाल: जब स्कूल में दर्जनों बच्चे पढ़ रहे हों, तो क्या उन्हें पर्याप्त benches, साफ toilets, सुरक्षित पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए?