CJP ने 5 सितंबर का India Gate → Delhi Police HQ मार्च रद्द कर दिया है।
25 जुलाई 2026 के बाद CJP के सार्वजनिक बयानों और 1 सितंबर 2026 तक के अपडेट को मिलाकर देखा है। 25 जुलाई को आंदोलन रोकते समय चार मुख्य मांगों/आश्वासनों का मुद्दा था। 26 अगस्त को CJP ने कहा था कि इनमें से तीन अभी लंबित हैं।
CJP की 25 जुलाई की 4 मुख्य मांगें
| # | मांग | 25 जुलाई की स्थिति | 1 सितंबर 2026 की स्थिति |
|---|---|---|---|
| 1 | शिक्षा मंत्री का इस्तीफा | सरकार ने स्वीकार किया | ✅ पूरी — धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को इस्तीफा दिया। |
| 2 | NEET/छात्र आंदोलन से जुड़े छात्रों के खिलाफ FIR वापस लेना और कोई कार्रवाई न करना | सरकार की ओर से आश्वासन | ✅ अब बड़ी कार्रवाई हुई — केंद्र के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित FIRs quash करने का आदेश दिया; इसी के बाद CJP ने 5 सितंबर का मार्च वापस लिया। |
| 3 | NEET/आंदोलन में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा | आश्वासन दिया गया था, लेकिन CJP ने इसे लंबित बताया था | 🟡 आश्वासन/प्रक्रिया में — केंद्र ने मुआवजे का आश्वासन दिया; इसे CJP की पूरी तरह लागू हुई मांग मानने के लिए भुगतान/क्रियान्वयन देखना जरूरी है। |
| 4 | 25 जुलाई के प्रदर्शन में पुलिस/RAF की कार्रवाई के लिए माफी और जवाबदेही | CJP ने इसे आश्वासन का हिस्सा बताया | 🟡 लंबित/अस्पष्ट — 26 अगस्त को CJP ने विशेष रूप से Delhi Police और RAF की माफी को लंबित बताया था। |
सबसे महत्वपूर्ण बात
26 अगस्त को CJP ने साफ तौर पर कहा था कि तीन मांगें बाकी हैं:
- छात्रों के परिवारों को मुआवजा
- FIR वापसी + छात्र प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं
- Delhi Police और RAF की माफी
लेकिन 1 सितंबर को स्थिति बदल गई। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में FIR वापस लेने की कार्रवाई की और कोर्ट ने FIRs quash कर दीं। इसके बाद CJP ने 5 सितंबर का मार्च रद्द कर दिया।
इसलिए आज की स्थिति में सबसे सुरक्षित निष्कर्ष:
4 में से 2 मांगें स्पष्ट रूप से पूरी हुई हैं; 1 (मुआवजा) पर सरकारी आश्वासन/क्रियान्वयन की स्थिति है; और Police/RAF की माफी वाली मांग की स्थिति अभी स्पष्ट रूप से पूरी हुई नहीं दिखती।