👂 बच्चों के कान में दर्द होने पर माता-पिता को क्या करना चाहिए?
बच्चों में कान दर्द का कारण कान का संक्रमण, सर्दी-जुकाम के बाद कान में दबाव, कान में पानी जाना, मैल जमा होना या चोट हो सकता है। छोटे बच्चे दर्द को रोने, चिड़चिड़ापन या कान खींचने से व्यक्त कर सकते हैं।
🏠 घर पर क्या करें?
- 🌡️ बुखार जांचें और बच्चे की स्थिति पर नजर रखें।
- 💧 बच्चे को पर्याप्त तरल पदार्थ दें।
- 🧣 कान के बाहर हल्की गर्म सिकाई कुछ बच्चों में दर्द कम करने में मदद कर सकती है।
- 💊 दर्द ज्यादा होने पर बच्चे की उम्र और वजन के अनुसार पैरासिटामोल या इबुप्रोफेन दिया जा सकता है, लेकिन सही खुराक के लिए डॉक्टर/फार्मासिस्ट की सलाह लें।
- 🚫 कान में तेल, माचिस की तीली, कॉटन बड या कोई घरेलू नुस्खा न डालें।
- 🚫 डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या कान की ड्रॉप्स न दें।
👨⚕️ डॉक्टर को कब दिखाएं?
अगर दर्द तेज है, 1–2 दिन से ज्यादा रहता है, बार-बार होता है, कान से पानी/पस/खून निकलता है, सुनाई कम दे रहा है या बुखार है, तो बच्चे को डॉक्टर से दिखाना चाहिए।
🚨 तुरंत चिकित्सा सहायता लें
अगर बच्चे को कान के पीछे सूजन या लालिमा, बहुत तेज दर्द, चक्कर, तेज सिरदर्द, गर्दन अकड़ना, बहुत ज्यादा सुस्ती या सिर पर गंभीर चोट के बाद कान से खून/तरल निकलना हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
👶 6 महीने से छोटे बच्चे को कान दर्द या बुखार हो तो डॉक्टर से जल्दी संपर्क करना विशेष रूप से जरूरी है।
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