🏑 Hockey World Cup 2026: भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें सेमीफाइनल से बाहर
नई दिल्ली, 25 अगस्त 2026: FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय हॉकी के लिए निराशाजनक खबर सामने आई है। भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई हैं। इस बार पुरुष और महिला विश्व कप का आयोजन बेल्जियम और नीदरलैंड्स में हो रहा है।
🇮🇳 महिला टीम की उम्मीद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टूटी
भारतीय महिला टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी थी। लेकिन मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। इस परिणाम के साथ ऑस्ट्रेलिया सेमीफाइनल में पहुंच गया, जबकि भारत पूल E में तीसरे स्थान पर रहा। भारत अब 5वें-6वें स्थान के लिए खेलेगा।
ऑस्ट्रेलिया ने मुकाबले में अधिक दबाव बनाया। मैच के दौरान भारत की ओर से गोल पर सिर्फ एक शॉट दर्ज हुआ, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 13 शॉट लगाए।
🇮🇳 पुरुष टीम को अर्जेंटीना ने हराया
पुरुष टीम की सेमीफाइनल की आखिरी उम्मीद अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबले पर टिकी थी। भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए बड़े अंतर से जीत की जरूरत थी, लेकिन अर्जेंटीना ने भारत को 5-3 से हरा दिया। इस हार के साथ भारत की सेमीफाइनल की उम्मीद पूरी तरह खत्म हो गई।
अर्जेंटीना ने शुरुआती छह मिनट में ही 2-0 की बढ़त बना ली थी। भारत ने वापसी की कोशिश की, लेकिन अर्जेंटीना ने लगातार दबाव बनाए रखा। भारत की ओर से सुखजीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर एक गोल किया।
📉 दोनों टीमों के प्रदर्शन पर सवाल
भारत की दोनों टीमों के सेमीफाइनल से बाहर होने के बाद टीम प्रबंधन और प्रदर्शन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व भारतीय गोलकीपर पी. आर. श्रीजेश ने भी दोनों टीमों के विश्व कप प्रदर्शन और टीम मैनेजमेंट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
पुरुष टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने भी अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबले में धीमी शुरुआत और दबाव वाले मैच में प्रदर्शन को हार की बड़ी वजह माना।
🏆 अब आगे क्या?
पुरुष टीम अब विश्व कप में 7वें-8वें स्थान के लिए मुकाबला करेगी, जबकि महिला टीम 5वें-6वें स्थान के लिए खेलेगी। दोनों टीमों के लिए अब लक्ष्य विश्व कप अभियान का बेहतर स्थान के साथ अंत करना होगा।
हॉकी विश्व कप 2026 में भारत को बड़ा झटका लगा है। महिला टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 0-0 ड्रॉ और पुरुष टीम अर्जेंटीना से 3-5 की हार के बाद सेमीफाइनल से बाहर हो गई। अब भारतीय हॉकी के लिए अगले मुकाबलों में वापसी करने के साथ-साथ टीम की रणनीति, गोल करने की क्षमता और बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने पर ध्यान देना अहम होगा।