सुप्रीम कोर्ट की बड़ी गतिविधि
सुप्रीम कोर्ट की बड़ी गतिविधियां: अहम फैसलों और न्यायिक पहलों पर नजर
नई दिल्ली, 23 अगस्त 2026: सुप्रीम कोर्ट में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण गतिविधियां हुई हैं। न्यायिक सेवा परीक्षा की पात्रता, विशेष लोक अदालत, न्यायिक सहयोग और विभिन्न संवेदनशील मामलों की सुनवाई को लेकर शीर्ष अदालत लगातार सक्रिय है।
न्यायिक सेवा परीक्षा में बड़ा बदलाव
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए पहले लागू तीन वर्ष की वकालत की अनिवार्य प्रैक्टिस शर्त को घटाकर एक वर्ष करने का फैसला किया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य न्यायिक सेवा में आने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए रास्ता आसान करना है।
यह फैसला विशेष रूप से उन कानून स्नातकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो सीधे न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं।
‘समाधान समारोह’ में 400 से ज्यादा मामलों का निपटारा
सुप्रीम कोर्ट की Samadhan Samaroh 2026 पहल के तहत विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। पहले दिन 600 से अधिक मामले सूचीबद्ध किए गए और 400 से अधिक मामलों में आपसी सहमति से समाधान कराया गया। इसके लिए 16 विशेष लोक अदालत पीठों का गठन किया गया था।
इस पहल का उद्देश्य लंबित मामलों को मुकदमेबाजी के बजाय बातचीत और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाना है।
यमुना फ्लडप्लेन मामले में बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने Art of Living Foundation से जुड़े यमुना फ्लडप्लेन मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा लगाए गए ₹5 करोड़ के जुर्माने के आदेश को रद्द कर दिया। मामला 2016 में यमुना के बाढ़ क्षेत्र में आयोजित World Culture Festival से जुड़ा था।
फैसले से पर्यावरणीय नियमों और बड़े सार्वजनिक आयोजनों को लेकर चल रही कानूनी बहस फिर चर्चा में आ गई है।
‘Nyaya Setu’ की पहल
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने BRICS+ देशों के सर्वोच्च न्यायालयों के बीच न्यायिक सहयोग बढ़ाने के लिए ‘Nyaya Setu’ पहल का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों की शीर्ष अदालतों के बीच फैसलों के कार्यान्वयन, अनुभवों और सर्वोत्तम न्यायिक प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
युवाओं से जुड़े विरोध प्रदर्शनों पर भी नजर
हाल के युवा आंदोलनों के दौरान हिंसा और पुलिस कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक विशेष जांच पैनल गठित किया है। इस कदम को घटनाओं की स्वतंत्र जांच और जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट का प्रशासनिक बदलाव
सुप्रीम कोर्ट ने 27 अगस्त 2026 को अवकाश घोषित किया था और उसके बदले 22 अगस्त को पूर्ण कार्य दिवस रखा गया। कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर 22 अगस्त और 24 अगस्त की कार्यवाही से संबंधित लिस्टिंग और नोटिस भी जारी किए गए हैं।
निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट की हालिया गतिविधियों से स्पष्ट है कि अदालत केवल संवैधानिक और कानूनी विवादों पर फैसले देने तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबित मामलों के त्वरित समाधान, न्यायिक सुधार, युवा न्यायिक अभ्यर्थियों की पहुंच और अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सहयोग पर भी जोर दे रही है।
आने वाले दिनों में विभिन्न महत्वपूर्ण याचिकाओं और मामलों की सुनवाई पर नजर रहेगी। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम आदेश और सुनवाई से जुड़ी जानकारी लगातार अपडेट की जा रही है।