⚖️ सुप्रीम कोर्ट ने ICU infrastructure को लेकर हाल में क्या निर्देश दिए हैं?
हाल में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में ICU infrastructure और critical-care services के लिए न्यूनतम मानक लागू करने के निर्देश दिए हैं। 21 सितंबर 2026 के आदेश में कोर्ट ने 2026 की ICU Guidelines को लागू करने और तय समयसीमा में कमियों को दूर करने को कहा।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख निर्देश
- 🏥 ICU के न्यूनतम मानक तय — ICU को Level 1, Level 2 और Level 3 में व्यवस्थित करने तथा प्रत्येक स्तर के लिए आवश्यक infrastructure, equipment और staff सुनिश्चित करने को मंजूरी दी गई।
- 🛏️ जरूरी ICU सुविधाएं उपलब्ध कराना — Level-1 ICU के लिए निर्धारित न्यूनतम सुविधाओं को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर stabilize किया जा सके।
- 👨⚕️ डॉक्टर और नर्सों की नियुक्ति — critical-care services के लिए आवश्यक विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी दूर करने के निर्देश दिए गए; संबंधित भर्ती/स्टाफिंग के लिए छह महीने तक की समयसीमा बताई गई है।
- 🏗️ Infrastructure upgrade — जिन ICU सुविधाओं को guideline के अनुसार तैयार करने में लंबा समय लगना था, उनके लिए कोर्ट ने अधिकतम नौ महीने की compliance timeline निर्धारित की।
- 🚑 मरीजों को ICU तक पहुंच सुनिश्चित करना — कोर्ट ने ICU को critical healthcare की सबसे महत्वपूर्ण सुविधाओं में से एक बताते हुए ऐसी व्यवस्था पर जोर दिया जिससे गंभीर मरीजों को समय पर treatment और medical support मिल सके।
सरल भाषा में: सुप्रीम कोर्ट का फोकस यह है कि ICU सिर्फ एक कमरा या कुछ beds न हो, बल्कि उसके पास न्यूनतम जरूरी उपकरण, trained staff, infrastructure और critical-care व्यवस्था हो।
दिल्ली से संबंधित एक अलग मामले में कोर्ट ने 38 सरकारी अस्पतालों में ICU-bed availability और emergency helpline की जांच के लिए surprise audit भी करवाया था।
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