राहुल गांधी का धरना
राहुल गांधी का दिल्ली में धरना: पैलेट गन से घायल छात्र के लिए FIR की मांग
साहिल की FIR दर्ज न होने देने का एक ही मतलब है –
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 21, 2026
नरेंद्र मोदी और अमित शाह के राज में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर खुलेआम पैलेट गन चलाई जा सकती है, मगर उन्हें इंसाफ नहीं मिल सकता।
जब तक FIR दर्ज नहीं होती, जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता – हम डटे… pic.twitter.com/iJ6ojC9mmA
नई दिल्ली, 22 अगस्त 2026: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 21 अगस्त को दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। उनका आरोप था कि 20 जुलाई के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब की शिकायत पर दिल्ली पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही थी।
क्या है पूरा मामला?
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान साहिल लोचब के घायल होने का मामला सामने आया था। लोचब ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी एक आंख की रोशनी प्रभावित हुई। मामले में पुलिस कार्रवाई और बल प्रयोग को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हुआ।
राहुल गांधी 21 अगस्त को साहिल लोचब के साथ पहले पुलिस अधिकारियों से मिले और FIR दर्ज करने की मांग की। बातचीत से समाधान नहीं निकलने के बाद वह संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के अन्य नेता भी धरने में शामिल हुए।
राहुल गांधी की प्रमुख मांग
राहुल गांधी की मुख्य मांग थी कि साहिल की शिकायत पर तुरंत FIR दर्ज की जाए और कथित पैलेट गन फायरिंग की निष्पक्ष जांच हो। राहुल ने पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाबदेही की मांग की और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ कथित अत्यधिक बल प्रयोग की जांच होनी चाहिए।
धरने का क्या असर हुआ?
राहुल गांधी कई घंटे तक पुलिस स्टेशन के बाहर बैठे रहे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचब की शिकायत के संबंध में FIR दर्ज करने की घोषणा की और बाद में FIR दर्ज भी की गई। इसके बाद राहुल गांधी ने अपना धरना समाप्त कर दिया और इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया।
रिपोर्टों के अनुसार FIR अज्ञात व्यक्ति/व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई है। मामले में आगे की जांच से यह स्पष्ट होना है कि चोट कैसे लगी और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
BJP की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के धरने पर BJP ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने राहुल के धरने को राजनीतिक प्रदर्शन और मीडिया का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश बताया। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुद्दा घायल छात्र को न्याय दिलाने और पुलिस जवाबदेही सुनिश्चित करने का है।
राजनीतिक महत्व
राहुल गांधी के धरने ने छात्र प्रदर्शन, पुलिस बल के इस्तेमाल, FIR दर्ज करने की प्रक्रिया और सरकार की जवाबदेही को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। एक तरफ कांग्रेस इसे घायल छात्र को न्याय दिलाने की लड़ाई बता रही है, वहीं BJP इसे राजनीतिक दबाव और प्रचार की राजनीति के रूप में देख रही है।
राहुल गांधी का 21 अगस्त का धरना उस समय खत्म हुआ जब दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचब की शिकायत पर FIR दर्ज की। अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जांच में पैलेट गन से चोट लगने की परिस्थितियां क्या थीं, जिम्मेदार कौन था और क्या आगे कोई कार्रवाई होती है। FIR दर्ज होना जांच की शुरुआत है, दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं।