डायबिटीज क्या है और यह बीमारी क्यों होती है?
डायबिटीज (Diabetes Mellitus), जिसे आम भाषा में शुगर की बीमारी कहते हैं, एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में रक्त में मौजूद ग्लूकोज (ब्लड शुगर) का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है।
हम जो भोजन खाते हैं, विशेषकर रोटी, चावल, आलू और मीठी चीजें, उनसे शरीर को ग्लूकोज मिलता है। यह ग्लूकोज शरीर की ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत है।
ग्लूकोज को रक्त से शरीर की कोशिकाओं तक पहुँचाने में इंसुलिन (Insulin) नामक हार्मोन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हार्मोन अग्न्याशय (Pancreas) में बनता है।
जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या इंसुलिन का सही ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो रक्त में शुगर बढ़ने लगती है। इसी स्थिति को डायबिटीज कहते हैं।
1. डायबिटीज होने के मुख्य कारण
टाइप 1 डायबिटीज (Type 1)
शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अग्न्याशय की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाती है। इससे इंसुलिन बहुत कम या बिल्कुल नहीं बनता। यह केवल मीठा खाने से नहीं होती।
टाइप 2 डायबिटीज (Type 2)
शरीर की कोशिकाएँ इंसुलिन के प्रति कम प्रतिक्रिया देने लगती हैं। समय के साथ अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता। इसके जोखिम में बढ़ोतरी करने वाले कारक हैं:
- अधिक वजन या पेट के आसपास चर्बी।
- शारीरिक गतिविधि की कमी।
- परिवार में डायबिटीज का इतिहास।
- बढ़ती उम्र और कुछ अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारक।
गर्भावधि डायबिटीज (Gestational)
गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलावों के कारण शरीर को इंसुलिन का इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है, जिससे रक्त में शुगर बढ़ जाती है।
स्रोत: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और NIDDK।
World Health Organization
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2. डायबिटीज के सामान्य लक्षण
- बार-बार पेशाब आना।
- बहुत ज्यादा प्यास लगना।
- बार-बार भूख लगना।
- बिना कारण वजन कम होना।
- थकान और कमजोरी महसूस होना।
- धुंधला दिखाई देना।
- घाव भरने में देरी होना।
ध्यान दें: टाइप 2 डायबिटीज में कई बार शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते।
World Health Organization
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3. क्या डायबिटीज सिर्फ मीठा खाने से होती है?
नहीं। केवल मिठाई खाने से डायबिटीज होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। टाइप 2 डायबिटीज कई कारकों से जुड़ी होती है, जैसे आनुवंशिकता, शरीर का वजन, शारीरिक गतिविधि और इंसुलिन प्रतिरोध। अधिक चीनी और कैलोरी वाला आहार वजन बढ़ाने के माध्यम से जोखिम बढ़ा सकता है।
NIDDK
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4. डायबिटीज की जाँच कैसे होती है?
| जाँच | क्या पता चलता है? |
|---|---|
| Fasting Blood Sugar | रातभर उपवास के बाद रक्त में शुगर |
| HbA1c | पिछले लगभग 2–3 महीनों का औसत रक्त शुगर |
| OGTT | ग्लूकोज पीने के बाद शरीर शुगर को कैसे संभालता है |
डायबिटीज की पुष्टि जाँच के निर्धारित मानकों और चिकित्सकीय मूल्यांकन के आधार पर की जाती है।
World Health Organization
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5. डायबिटीज से बचाव के लिए क्या करें?
नियमित शारीरिक गतिविधि और पैदल चलना।
संतुलित आहार लें और मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित करें।
स्वस्थ वजन बनाए रखने की कोशिश करें।
जोखिम होने पर समय-समय पर ब्लड शुगर की जाँच कराएँ।
ये उपाय मुख्यतः टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने या शुरुआत में देरी करने में मदद कर सकते हैं। टाइप 1 डायबिटीज को वर्तमान में ज्ञात तरीकों से रोका नहीं जा सकता।
World Health Organization
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महत्वपूर्ण: यदि आपको बहुत ज्यादा प्यास, बार-बार पेशाब, अस्पष्ट वजन घटने या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर से मिलकर ब्लड शुगर की जाँच कराएँ। डायबिटीज का इलाज उसके प्रकार और व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करता है।
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