कांग्रेस ने पार्टी के प्रोग्रामों में राष्ट्रगान पहले दो अंतरे क्यों गाने का फैसला किया?
कांग्रेस सिर्फ पहले 2 अंतरे क्यों गाने की बात कर रही है?
कांग्रेस का मुख्य तर्क 1937 के उसके ऐतिहासिक फैसले पर आधारित है। उस समय कांग्रेस ने तय किया था कि सार्वजनिक राजनीतिक कार्यक्रमों में Vande Mataram के पहले दो अंतरे गाए जाएँ। इस फैसले के पीछे रवीन्द्रनाथ टैगोर की सलाह भी महत्वपूर्ण थी।
कारण यह था कि:
- पहले दो अंतरों में मुख्य रूप से मातृभूमि/भारत की प्राकृतिक सुंदरता और वंदना का वर्णन है।
- बाद के अंतरों में दुर्गा आदि देवी-स्वरूपों के धार्मिक संदर्भ आते हैं।
- उस समय कांग्रेस नेतृत्व का मानना था कि स्वतंत्रता आंदोलन में अलग-अलग धर्मों और समुदायों को साथ रखना जरूरी है, इसलिए ऐसा रूप चुना जाए जिसे सभी समुदाय सहजता से स्वीकार कर सकें।
BJP का आरोप क्या है?
BJP नेताओं का कहना है कि कांग्रेस का यह फैसला “appeasement politics” से जुड़ा था और इससे Vande Mataram के पूरे स्वरूप को कम महत्व दिया जा रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी कांग्रेस के इस फैसले की आलोचना की है।
कांग्रेस का जवाब
कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने कहा है कि कांग्रेस वही संस्करण गा रही है जिसे पहले गांधी, नेहरू, सरदार पटेल और अन्य राष्ट्रीय नेताओं के दौर में अपनाया गया था।
कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कानूनी दृष्टिकोण से भी कहा है कि यदि संविधान या किसी कानून में पूरे गीत को गाना अनिवार्य नहीं किया गया है, तो दो अंतरे गाना अपने-आप में गैरकानूनी नहीं है।
एक जरूरी फर्क
Vande Mataram भारत का National Song है, National Anthem नहीं। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने इसे Jana Gana Mana के साथ विशेष सम्मान देने का निर्णय किया था।