उपचुनाव (By-election) कौन कराता है?
भारत में उपचुनाव Election Commission of India (ECI) कराता है। इसका उद्देश्य किसी लोकसभा या विधानसभा सीट के सामान्य चुनाव के बीच खाली हो जाने पर उस सीट को भरना होता है।
उदाहरण:
अगर किसी सांसद या विधायक की मृत्यु, इस्तीफा या किसी अन्य कारण से सीट खाली हो जाती है, तो उस सीट पर उपचुनाव कराया जा सकता है।
📋 उपचुनाव की मुख्य प्रक्रिया
- 📝 सीट खाली होने की सूचना संबंधित अधिकारियों से ECI तक पहुंचती है।
- 📅 Election Commission चुनाव कार्यक्रम तय करता है।
- 📢 संबंधित कानून के तहत ECI उपचुनाव की अधिसूचना जारी करता है। लोकसभा सीट के लिए धारा 149 और विधानसभा सीट के लिए धारा 150 लागू होती है।
- 👤 Returning Officer (RO) नामांकन, मतदान और मतगणना की स्थानीय प्रक्रिया संभालता है।
- 🗳️ मतदाता उस खाली सीट के लिए नया प्रतिनिधि चुनते हैं।
- 📊 मतगणना के बाद संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम घोषित किया जाता है।
⏱️ समय सीमा: Representation of the People Act, 1951 की धारा 151A के अनुसार, सामान्यतः ऐसी casual vacancy भरने के लिए उपचुनाव 6 महीने के भीतर कराया जाना होता है, यदि सदन के कार्यकाल का शेष हिस्सा कम-से-कम एक वर्ष है; कानून में कुछ अपवाद भी हैं।
👉 सरल जवाब: उपचुनाव ECI कराता है, जबकि स्थानीय स्तर पर Returning Officer चुनाव की प्रक्रिया संचालित करता है।
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