अब घोड़े, खच्चर और गधे का इस्तेमाल क हां हो रहा है? क्या उन्हें मार दिया जाता है?
नहीं, घोड़े, खच्चर और गधे खत्म नहीं हो गए हैं और न ही सामान्य रूप से उन्हें उम्र पूरी होने पर “मार दिया” जाता है। भारत में आज भी इनका उपयोग कई जगह हो रहा है।
🐴 आज घोड़े, खच्चर और गधे कहाँ इस्तेमाल होते हैं?
| जानवर | आज के प्रमुख उपयोग |
|---|---|
| 🐎 घोड़े | घुड़सवारी, पर्यटन, पुलिस/औपचारिक कार्य, खेल, कुछ ग्रामीण परिवहन |
| 🫏 गधे | ईंट-भट्ठे, निर्माण सामग्री ढोना, छोटे माल का परिवहन, ग्रामीण क्षेत्रों में सामान ढोना |
| 🐴 खच्चर | पहाड़ी क्षेत्रों में सामान ढोना, सेना/लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और दुर्गम इलाकों में परिवहन |
सरकारी नियमों में horses, ponies, mules और donkeys को “equines” के रूप में शामिल किया गया है और इनके परिवहन के लिए भी विशेष नियम हैं। उदाहरण के लिए, पैदल परिवहन में इनके लिए दूरी, आराम, पानी और तापमान संबंधी सीमाएँ निर्धारित हैं।
⚠️ क्या इन्हें मांस के लिए मारा जाता है?
यह थोड़ा जटिल है। अवैध रूप से घोड़ों/गधों/खच्चरों को ले जाने या मारने के मामले सामने आते हैं, और Animal Welfare Board of India ने 2026 में भी अवैध transportation और slaughter रोकने के लिए कई advisories जारी की हैं।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर बूढ़े या काम न करने वाले घोड़े/गधे को मार दिया जाता है। भारत में पशु-क्रूरता और slaughter के लिए कानून एवं नियम लागू हैं; AWBI की नियमावली में slaughterhouse तथा animal transport के लिए अलग नियम मौजूद हैं।
एक और महत्वपूर्ण बात: भारत में गधों के मांस के अवैध व्यापार के मामले भी AWBI के रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
🇮🇳 भारत में घोड़े, खच्चर और गधे — 2003 से 2019
| Census year | 🐎 घोड़े + पोनी | 🐴 खच्चर | 🫏 गधे | कुल |
|---|---|---|---|---|
| 2003 | ~7.51 लाख | ~1.82 लाख | ~6.50 लाख | ~15.83 लाख |
| 2007 | ~6.12 लाख | 1.37 लाख | 4.38 लाख | ~11.87 लाख |
| 2012 | ~6.25 लाख | 1.96 लाख | 3.19 लाख | ~11.40 लाख |
| 2019 | 3.42 लाख | 84,261 | 1,23,587 | 5.50 लाख |
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2003 में घोड़े/पोनी लगभग 7.51 लाख थे, जो 2019 में 3.42 लाख रह गए। इसी अवधि में गधों की संख्या लगभग 6.50 लाख से घटकर 1.24 लाख हो गई।
📉 2003 → 2019 में गिरावट
- 🐎 घोड़े/पोनी: लगभग 54% कमी
- 🐴 खच्चर: लगभग 54% कमी
- 🫏 गधे: लगभग 81% कमी
- तीनों मिलाकर: लगभग 65% कमी
विशेष रूप से 2012 → 2019 में गिरावट बहुत तेज रही—घोड़े/पोनी 45.2%, खच्चर 57.1% और गधे 61.2% घटे।
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