गूगल में फ्रेशर का पैकेज 1 करोड़ होता है क्या ?
हाँ, गूगल (Google) में कभी-कभी कुछ चुनिंदा फ्रेशर्स को 1 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा का पैकेज मिल सकता है, लेकिन यह आम बात नहीं है। भारत या विदेशों के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों (जैसे IIT) से पास होने वाले छात्रों को मिलने वाले ऐसे ऑफर्स में बेस सैलरी के साथ स्टॉक ऑप्शंस (RSUs) और जॉइनिंग बोनस शामिल होते हैं।
पैकेज की सच्चाई
- भारत में पैकेज: भारत (जैसे बेंगलुरु या हैदराबाद) में गूगल के एंट्री-लेवल (L3) सॉफ्टवेयर इंजीनियर फ्रेशर का आम पैकेज आमतौर पर ₹30 लाख से ₹55 लाख सालाना के बीच होता है। [1]
- 1 करोड़ का ऑफर: 1 करोड़ या उससे अधिक (CTC) का पैकेज ज्यादातर विदेशी लोकेशन (जैसे यूएस, लंदन आदि) के लिए होता है, या बहुत ही दुर्लभ मामलों में जब किसी फ्रेशर के पास बेहद शानदार कोडिंग स्किल्स या इंटरनेशनल कॉम्पिटिटिव प्रोग्रामिंग का रिकॉर्ड हो1 करोड़ के पैकेज का पूरा गणित (अनुमानित ढांचा)
- अगर किसी फ्रेशर को ₹1 करोड़ का पैकेज मिला है, तो उसका ब्रेकअप आमतौर पर ऐसा दिखता है:
- Base Salary (नकद वेतन): ₹30,00,000 से ₹35,00,000 (यह हर साल फिक्स मिलेगी)
- Sign-on Bonus (जॉइनिंग बोनस): ₹5,00,000 से ₹10,00,000 (यह सिर्फ पहले साल एक बार मिलता है)
- Performance Bonus (सालाना बोनस): ₹4,00,000 से ₹6,00,000 (यह आपके काम पर निर्भर करता है)
- RSUs (कंपनी के शेयर): ₹50,00,000 से ₹60,00,000 (यह रकम 4 साल में बंटती है
- 4 साल में शेयर्स (RSUs) कैसे मिलते हैं?
- गूगल जैसी कंपनियां आमतौर पर Front-loaded या Equal Vesting शेड्यूल का पालन करती हैं। मान लेते हैं कि आपको ₹50 लाख के शेयर्स मिले हैं जो 4 साल में बराबर बंटेंगे (यानी हर साल 25%):
- पहला साल (Year 1): ₹12.5 लाख के शेयर्स + बेस सैलरी + जॉइनिंग बोनस + परफॉर्मेंस बोनस (पहले साल इन-हैंड सबसे ज्यादा होता है)।
- दूसरा साल (Year 2): ₹12.5 लाख के शेयर्स + बेस सैलरी + परफॉर्मेंas बोनस (जॉइनिंग बोनस हट जाता है)।
- तीसरा साल (Year 3): ₹12.5 लाख के शेयर्स + बेस सैलरी + परफॉर्मेंस बोनस।
- चौथा साल (Year 4): ₹12.5 लाख के शेयर्स + बेस सैलरी + परफॉर्मेंस बोनस।