🌈 बारिश के बाद इंद्रधनुष क्यों दिखाई देता है?
इंद्रधनुष तब बनता है जब सूरज की रोशनी बारिश की पानी की बूंदों से गुजरती है। पानी की बूंदें छोटी-छोटी प्रिज्म की तरह काम करती हैं और सफेद सूर्यप्रकाश को अलग-अलग रंगों में बाँट देती हैं।
🌦️ इंद्रधनुष बनने की प्रक्रिया
- ☀️ सूरज की रोशनी पानी की बूंद में प्रवेश करती है।
- 🔄 बूंद में प्रवेश करते समय प्रकाश मुड़ता है (अपवर्तन)।
- 🌈 सफेद प्रकाश अलग-अलग रंगों में विभाजित (dispersion) होता है।
- 💧 प्रकाश बूंद के अंदर से परावर्तित होता है।
- ☀️➡️👁️ बूंद से बाहर निकलते समय प्रकाश फिर मुड़ता है और हमारी आंखों तक पहुंचता है।
इससे हमें सात प्रमुख रंग दिखाई देते हैं:
🔴 लाल → 🟠 नारंगी → 🟡 पीला → 🟢 हरा → 🔵 नीला → 🟣 जामुनी/इंडिगो → 🟣 बैंगनी
💡 रोचक तथ्य: इंद्रधनुष देखने के लिए आमतौर पर सूरज आपके पीछे और बारिश की बूंदें आपके सामने होनी चाहिए। इसलिए बारिश के बाद सुबह या शाम के समय इंद्रधनुष अक्सर आसानी से दिखाई देता है।
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